Saturday 25 May 2024 10:45 PM
Aman Patrika
बिहार/ब्रेकिंग न्यूज

अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय कहलगांव ने हरीनकोल पंचायत के मुखिया को भेजा कारण बताओं नोटिस।

अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय कहलगांव ने हरीनकोल पंचायत के मुखिया को भेजा कारण बताओं नोटिस। मामला जागरूकता कार्यक्रम के पत्र को लेने से इंकार करने और पत्र पावती को फाड़ने का है। पारा लीगल वोलंटियर सुभाष कुमार ने की थी सचिव से लिखित रूप में शिकायत, कार्यालय द्वारा फोन करने पर मुखिया ने कहा कि मैं सनकी व्यक्ति हुं।

अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय कहलगांव ने हरीनकोल पंचायत के मुखिया को भेजा कारण बताओं नोटिस।

मामला जागरूकता कार्यक्रम के पत्र को लेने से इंकार करने और पत्र पावती को फाड़ने का है। पारा लीगल वोलंटियर सुभाष कुमार ने की थी सचिव से लिखित रूप में शिकायत, कार्यालय द्वारा फोन करने पर मुखिया ने कहा कि मैं सनकी व्यक्ति हुं। समिति की सचिव सह मुंसिफ श्रीमती शिल्पा प्रशांत मिश्रा हुई सख्त। पीएलवी के आवेदन पत्र पर लिया संज्ञान और मुखिया को भेजा कारण बताओं नोटिस। तीन दिनों में देना होगा स्वयं उपस्थित होकर जवाब नही तो होगी विधि सम्मत कार्यवाही, विदित हो की नालसा नई दिल्ली के निर्देशन में विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय कहलगांव के द्वारा सप्ताह के अंत में लोगों को कानूनी रुप से जागरूक करने के उद्देश से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाता हैं इसी कड़ी में बीते 20 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए पीएलवी के माध्यम से हरीनकोल के मुखिया को न्यायालय द्वारा पत्र भेजा गया था जिसे मुखिया के पिता द्वारा रिसीव किया गया था तदुपरांत मुखिया के आने पर उनके द्वारा पत्र पावती को फाड़ते हुए संबंधित पीएलवी के साथ दुर्व्यवहार किया गया और जागरूकता कार्यक्रम नही होने देने की बात कही गई । इस संदर्भ में जब कार्यालय प्रभारी द्वारा वस्तुस्थिति के संदर्भ में उन्हें कॉल किया गया तो मुखिया के द्वारा खुद को सनकी व्यक्ति बताता गया। PLV श्री सुभाष कुमार के आवेदन पर अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय कहलगांव की सचिव श्रीमती शिल्पा प्रशांत मिश्रा ने कड़ा रुख अख्तियार किया है और संबधित मुखिया को कारण बताओं नोटिस भेज 3 दिनों के भीतर स शरीर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। अगर मुखिया उपस्थित नही होते हैं तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी ।
विदित है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा सरकारी पत्र पावती फाड़ा जाना एक गंभीर विषय है।

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