Wednesday 22 May 2024 3:27 PM
Aman Patrika
बिहार/ब्रेकिंग न्यूज

1905 में लॉर्ड कर्जन बंगाल को दो भागों में बांटना चाहते थे। अंग्रेजों के इस शासन को अंगूठा दिखाने के लिए विश्वकवि जोरासांको टैगोर ने बंगाल को भाईचारे की डोर में बांध दिया। हिंदू-मुस्लिम-ईसाई धर्म के बावजूद सभी एक-दूसरे से बंधे रहे।

1905 में लॉर्ड कर्जन बंगाल को दो भागों में बांटना चाहते थे। अंग्रेजों के इस शासन को अंगूठा दिखाने के लिए विश्वकवि जोरासांको टैगोर ने बंगाल को भाईचारे की डोर में बांध दिया। हिंदू-मुस्लिम-ईसाई धर्म के बावजूद सभी एक-दूसरे से बंधे रहे।

1905 में लॉर्ड कर्जन बंगाल को दो भागों में बांटना चाहते थे। अंग्रेजों के इस शासन को अंगूठा दिखाने के लिए विश्वकवि जोरासांको टैगोर ने बंगाल को भाईचारे की डोर में बांध दिया। हिंदू-मुस्लिम-ईसाई धर्म के बावजूद सभी एक-दूसरे से बंधे रहे। एक राखी धागा, सांप्रदायिकता के खिलाफ। बंधन हमें बंगाल और देश के विभाजन के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करता है। देश-राज्य के साथ-साथ दिनहाटा में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश फैलाने के लिए स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया ने आज राखी बंधन उत्सव मनाया। दिनहाटा शहर हर साल की तरह राखी के इस शुभ दिन पर कविगुरु को याद कर रहा है। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया और साराभारत महिला समिति। यह राखी बंधन त्योहार मस्जिद में अज़ान के समय शंख गायन के साथ समाप्त होता है। साथ ही, दिनहाटा पुलिस भी स्टेशन, महिला पुलिस स्टेशन, दिनहाटा अस्पताल और सड़क पर आम लोगों ने भाईचारे का संदेश देने के लिए राखी पढ़ी। मंदिर के पुजारी के साथ, मस्जिद के इमाम, दिनहाटा पुलिस स्टेशन के आईसी, महिला पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने पेड़ के पौधे सौंपे संगठन का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता और ग्लोबल वार्मिंग को रोकना है।

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