Monday 20 May 2024 2:12 AM
Aman Patrika
बिहार/ब्रेकिंग न्यूज

कलयुग के देव, तीन बाण धारी, हारे के सहारे बाबा श्याम की भक्ति वैसे तो वर्षों से चली आ रही है परंतु वर्तमान परिपेक्ष में देखा जाए तो युवाओं में बाबा श्याम की भक्ति दिन प्रतिदिन बढ़ती दिखाई दे रही है। एक और पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव है

कलयुग के देव, तीन बाण धारी, हारे के सहारे बाबा श्याम की भक्ति वैसे तो वर्षों से चली आ रही है परंतु वर्तमान परिपेक्ष में देखा जाए तो युवाओं में बाबा श्याम की भक्ति दिन प्रतिदिन बढ़ती दिखाई दे रही है। एक और पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव है

दिन प्रतिदिन युवाओं में बढ़ रही है बाबा श्याम की भक्ति
भागलपुर बिहार
शैलेन्द कुमार गुप्ता

कलयुग के देव, तीन बाण धारी, हारे के सहारे बाबा श्याम की भक्ति वैसे तो वर्षों से चली आ रही है परंतु वर्तमान परिपेक्ष में देखा जाए तो युवाओं में बाबा श्याम की भक्ति दिन प्रतिदिन बढ़ती दिखाई दे रही है। एक और पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव है परंतु उसके सामने युवाओं में श्याम भक्ति जोर पकड़ रही है। बाबा श्याम के भजनों का कार्यक्रम हो, निशान पदयात्रा हो, अखंड ज्योत पाठ हो या श्याम मंडलों द्वारा कोई भी धार्मिक आयोजन हो सभी में युवाओं की टीम पूरी भक्ति भाव के साथ एकरूपता के साथ नजर आती है।

हाल फिलहाल 1 सितंबर को श्री श्याम दीवाने संस्था का झूला महोत्सव व सेवा पर्व हो या फिर 23 अगस्त से 30 अगस्त तक आठ दिवसीय श्री राम कथा, भजन संध्या, शोभायात्रा का आयोजन श्री श्याम चैरिटेबल ट्रस्ट श्री श्याम मंदिर द्वारा करवाया गया हो, इससे पहले 13 से 15 मई खेतान मोहल्ला स्थित श्री श्याम मंदिर झुन्झनू धाम में प्रथम पाटोत्सव के अवसर पर लक्ष पार्थिव रुद्राभिषेक जिसमें मिट्टी से निर्मित एक लाख शिव विग्रहों का अभिषेक किया गया का ऐतिहासिक कार्यक्रम संपन्न हुआ हो, इसी प्रकार प्रतिवर्ष झुंझुनू से खाटू धाम के लिए सात- आठ मंडलों द्वारा निशान पदयात्रा एवं इसी के साथ भजन संध्या रात्रि जागरण जागरण कार्यक्रमों के आयोजन में देखा जाए तो युवाओं की सक्रिय भागीदारी एवं श्याम भक्ति देखते ही बना पड़ती है जिससे सभी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित होती है।

जय श्री श्याम

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