Saturday 25 May 2024 10:07 PM
Aman Patrika
बिहार/ब्रेकिंग न्यूज

राहुल गांधी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कांग्रेस पार्टी यदि केंद्र के सत्ता में आती है तो जातिगत जनगणना कराई जाएगी क्योंकि बीमारी का पता लगाने के लिए एक्स – रे जरूरी है: विकाश सिंह बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस भागलपुर के जिला कोऑर्डिनेटर सह प्रवक्ता विकास सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही जातिगत गणना का प्रबल पक्षधर रहा है। राहुल गांधी ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि कांग्रेस पार्टी यदि 2024 में केंद्र में सत्ता में आती है तो जातिगत गणना कराई जाएगी

राहुल गांधी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कांग्रेस पार्टी यदि केंद्र के सत्ता में आती है तो जातिगत जनगणना कराई जाएगी क्योंकि बीमारी का पता लगाने के लिए एक्स - रे जरूरी है: विकाश सिंह बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस भागलपुर के जिला कोऑर्डिनेटर सह प्रवक्ता विकास सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही जातिगत गणना का प्रबल पक्षधर रहा है। राहुल गांधी ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि कांग्रेस पार्टी यदि 2024 में केंद्र में सत्ता में आती है तो जातिगत गणना कराई जाएगी

राहुल गांधी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कांग्रेस पार्टी यदि केंद्र के सत्ता में आती है तो जातिगत जनगणना कराई जाएगी क्योंकि बीमारी का पता लगाने के लिए एक्स – रे जरूरी है: विकाश सिंह
बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस भागलपुर के जिला कोऑर्डिनेटर सह प्रवक्ता विकास सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही जातिगत गणना का प्रबल पक्षधर रहा है। राहुल गांधी ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि कांग्रेस पार्टी यदि 2024 में केंद्र में सत्ता में आती है तो जातिगत गणना कराई जाएगी क्योंकि बीमारी का पता लगाने के लिए एक्स- रे जरूरी है। बिहार सरकार द्वारा जातिगत गणना करवाने से वंचितों ,उपेक्षित और गरीबों का समुचित विकास और तरक्की के लिए समग्र योजना बनाने एवं हास्य के समूह को आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने में मिल का पत्थर साबित होगा। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि जिसकी जितनी संख्या , उसकी उतनी हिस्सेदारी हो। हमारा शुरू से मानना है कि राज्य के संसाधनों पर न्याय संगत अधिकार सभी वर्गों का होना चाहिए इसको बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश जी की अगुवाई में पूरा किया गया है। दूसरी ,जातिगत गणना अपने आप में पर्याप्त नहीं है इससे आर्थिक और सामाजिक स्थिति से जोड़कर देखने की जरूरत है। सरकार ने यह काम अच्छा किया है की जाति के आंकड़ों के साथ ही आर्थिक और सामाजिक स्थिति के आंकड़े भी एकत्र कर लिए हैं। क्योंकि इससे स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सी जाति ज्यादा पिछड़ी हुई है और किस जाति को सरकारी मदद की ज्यादा जरूरत है हमारे पास पहले से ही स्वर्ण आयोग और रोहिणी कमीशन का भी रिपोर्ट है। हमारे नेता राहुल गांधी ने पहले ही कहा है कि 90 सचिवों में से कुल 3 सचिव मात्रा OBC वर्ग के हैं। इस आंकड़ा से ही स्पष्ट हो जाता है कि केंद्र की सरकार अनुसूचित जाति के लिए कितनी जागरूक है। जातिगत गणना देश में 2021 में हो जानी चाहिए थी लेकिन केंद्र सरकार की उदासीनता के कारण अब तक देश में जातिगत गणना नहीं हो पाई है। मोदी सरकार को जल्द से जल्द देश में जातिगत करानी चाहिए।

Share Now

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close