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बिहार/ब्रेकिंग न्यूज

रिज़वान खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को पत्र लिख कर भागलपुर के वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौरंगी के पिता के ईलाज में मदद सहयोग देने की अपील कि अरहम ट्रस्ट चेयरमैन रिज़वान खान ने भागलपुर के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक नौरंगी जी के पिता जी ब्रेन हमरेज हों गया है, वह तीन दोनों से भागलपुर के स्थाiनीय अस्पताल में भर्ती बेहोश है,

रिज़वान खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को पत्र लिख कर भागलपुर के वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौरंगी के पिता के ईलाज में मदद सहयोग देने की अपील कि अरहम ट्रस्ट चेयरमैन रिज़वान खान ने भागलपुर के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक नौरंगी जी के पिता जी ब्रेन हमरेज हों गया है, वह तीन दोनों से भागलपुर के स्थाiनीय अस्पताल में भर्ती बेहोश है,

दिनांक 11-10-2023
भागलपुर बिहार
शैलेन्द्र कुमार गुप्ता
रिज़वान खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को पत्र लिख कर भागलपुर के वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौरंगी के पिता के ईलाज में मदद सहयोग देने की अपील कि
अरहम ट्रस्ट चेयरमैन रिज़वान खान ने भागलपुर के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक नौरंगी जी के पिता जी ब्रेन हमरेज हों गया है, वह तीन दोनों से भागलपुर के स्थाiनीय अस्पताल में भर्ती बेहोश है, जिस से उनको कोई लाभ नहीं हों रहा है, रिज़वान खान ने दीपक नौरंगी जी के बीमार होने कि खबर को फेसबुक पर देखा और नौरंगीजी से फ़ोन से बात कर पिई ता जी का हाल जाना, उन्होंने बताया कि इस मुसीबत की घड़ी में हम अकेले हैँ,हम ने बिहार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार जी को पत्र लिख कर उनसे विनती करते हुए नौरंगी जी के पिता जी के ईलाज में पूरा सहयोग करने का iआग्रह किया है,हमें उम्मीद हैँ कि नौरंगी जी के पिता जी को ईलाज में मुख्यमंत्री जी से पूरी मदद मिलेगी,नौरंगी भाई आर्थिक रूप से बहुत कमज़ोर हैँ उनको लोगो का सहयोग नहीं मिलने से वह बहुत ज्यादा परेशन हों रहे हैँ,ब्रेन हमरेज कि बीमारी के ईलाज बहुत खर्चोला है, जिस के ईलाज में बहुत पैसे की,ज़रूरत होती है,इस समय नौरंगी जी इतना परेशान हैँ,जिस को दूसरा नहीं समझ नहीं सकता है,अभी इनको लोगों कि मदद चाहिए, रिज़वन खान ने कहा कि हम ब्रेन हमरेज कि बीमारी से खुद पीड़ित हैँ,,पिछले एक मiहीने से भी ज्यादा समय से ईलाजरत हैँ,और बेड पर हैँ, भागलपुर में इस बीमारी के अच्छे डॉक्टर नहीं है,जिस से ईलाज मुमकिन नहीं हों पाता है, ऐसे बीमारी में खून के रिश्ते ईलाज के इलावा दूसरा कोई साथ नहीं दिया या देता है,असल रिश्ते कि पहचान iइसी वक़्त ऐसी बीमारी में होती है,दुनियां अपने और गैरों की पहचाiन बीमारी और पैसे कि करंवा देती है, पैसा है तो सब है नहीं तो कोई नहीं है,अपना इस दुनियां में।

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